Nov 27, 2020

ये तुम्हारे मंदिर है झूठे
तुम्हारे भगवान् झूठे..
कांच के बने
ये तुम्हारे इंसान है झूठे..

ये खानाबदोश बेचैन रात दिन
पागलों की तरह दौड़ते और भागते
जिन्दा लाशों से भरे
बदस्तूर खून चूसते
इन बड़े बड़े शहरों पे बसे
ये मुर्दा कब्रिस्तान है झूठे

ये तुम्हारे मंदिर है झूठे….

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